चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एकेआईसी) योजना के तहत हिसार में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए गुरुवार को राज्य सरकार ने नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के साथ स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट और शेयर होल्डर करार पर हस्ताक्षर किए।
करीब 2,988 एकड़ में बनने वाला यह आईएमसी हिसार के महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास विकसित होगा। लगभग 4,680 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 32,417 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित करने की क्षमता है। अनुमान है कि इसके जरिए 1.25 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्थान की कनेक्टिविटी भी इसे बेहद खास बनाती है। यह प्रोजेक्ट ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित है और एनएच-52, एनएच-09, रेल नेटवर्क और प्रमुख लॉजिस्टिक हब से बेहतरीन रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह क्षेत्र एक बेहतर औद्योगिक गंतव्य साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिसार आईएमसी राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में औद्योगिक विकास और निवेश का नया केंद्र बनेगा। इससे हरियाणा की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक राज्य के रूप में और मजबूत होगी। यह परियोजना मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देगी और देश को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।